Shri Prabhat Times

मेला स्थगन को लेकर क्या प्रशासन की यह चूक कम है … ?

श्री प्रभात टाइम्स 23 February 2021

जिले के 2 सबसे बड़े मेले स्थगित व्यापारी सहित लोगों के चेहरे हुए मायूस

होशंगाबाद की सबसे बडा आस्था का केंद्र बने ने जा रहे दो मेले के स्थगन को लेकर जिला क्राइससे समिति ने यह निर्णय लिया कि होशंगाबाद में आयोजित होने वाला संत शिरोमणि रामजी बाबा मेला और महादेव मेला पचमढ़ी दोनों को स्थापित किया जाए , यह बात ठीक है की हम सुरक्षा की दृष्टि से कोई निर्णय ले रहे हैं लेकिन अफसोस की बात यह है कि क्या जो लोग मेले में पहले ही आ चुके हैं उनका कोरोना टेस्ट होगा जो लोग निरंतर महाराष्ट्र बॉर्डर से मध्य प्रदेश की सीमा में आ रहे हैं क्या  उनका कभी कोरोना टेस्ट हुआ है  क्या हुआ है टेस्ट करा कर आ रहे हैं ??? और क्या पचमढ़ी आने वाले  या होशंगाबाद आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं का कोरोनो टेस्ट कराया जाएगा और यदि नहीं तो फिर मेला बंद करने का क्या औचित्य है

ऐसा भी तो किया जा सकता था:_यदि महाराष्ट्र बॉर्डर से आने वाले लोगों के कारण दोनों में मेलाको बंद किया गया है तो इन दोनों बॉर्डर को सील भी तो किया जा सकता था या सुरक्षा की दृष्टि से यहां आने वाले लोगों की जांच भी की जा सकती थी जबकि प्रशासन ने जगह जगह चौकी बनाने का निर्णय लिया है फिर भी यदि हम हमारे आयोजनों को नहीं कर पा रहे हैं या करवा पा रहे हैं तो प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कहीं ना कहीं प्रश्नचिन्ह लग रहा है

जब-जब नगर पालिका और जिला प्रशासन को इस प्रकार के यदि निर्णय लेने ही थे तो मेला परिसर में 1 सप्ताह पूर्व से आए हुए लोगों को पनाह क्यों दी???? क्या नगरपालिका का कोई लालच इनके पीछे जुड़ा है, वैसे तो मेले की दुकान बेचने को लेकर नगर पालिका के कर्मचारी हमेशा ही विवाद में रहे हैं और इतना ही नहीं मेले में लगने वाली सामग्री भी कमीशन खोरी के चलते मूल रूप से बदल जाती है जी हां राशि बदल जाती है बस तू वही रहती है और अधिकारियों की नियत बदल जाती है ऐसा रामजी बाबा के मेले का इतिहास गवाह है अभिन्न लालची कमीशन खोर अधिकारियों का क्या होगा, रामजी बाबा मेले में मौजूद व्यापारी जो अपनी झूला दुकान संबंधी सामग्री लेकर आ चुके हैं

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