Shri Prabhat Times

153 डिफ़ाल्टर समितियों ओर गबन धोखाधड़ी के आरोपित कर्मचारियों से समर्थन मूल्य गेहु खरीदी न कराये- यादव

 श्री प्रभात टाइम्स 1 मार्च 2021 होशंगाबाद जिले में 99 पैक्स तथा 81 अन्य समितियां  कुल 180 एवं हरदा जिले में 52 पैक्स तथा 12 अन्य समितियां  कुल 64, इस प्रकार दोनों जिलों में 244 सहकारी समितियां समर्थन मूल्य पर गेहॅू खरीदी करती है जिनमें होशंगाबाद जिले में 91 समितियां तथा हरदा जिलें में 62, कुल 153 समितियां डिफाल्टर है तथा इन समितियों के  कृषक सदस्य में से  23,493 कृषक डिफाल्टर है। ऐसी परिस्थितियों में डिफाल्टर समितियों एवं उसके दोषी कर्मचारियों से खरीदी कराना विधिविरूद्ध होने से उनसे गेहूं खरीदी न कराये जाने की मांग नागरिक अधिकार जनसमस्या निराकरण समिति के अध्यक्ष आत्माराम यादव ने कमिश्नर राजस्व, कलेक्टर होशंगाबाद एवं हरदा तथा सयुंक्त आयुक्त सहकारिता से की है ।

        समिति अध्यक्ष आत्माराम के द्वारा इस संबंध मे उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष पीआईएल डव्ल्यू पी क्रमांक 6085/2019 दिनांक 21/3/2019 को प्रस्तुत की गयी है जिसमें लाँकडाउन के कारण कार्यवाही में नहीं आ सकी जिसे गंभीरता से लिया जाकर उक्तानुसार डिफाल्टर समितियों एवं आरोपित कर्मचारियों से समर्थनमूल्य खरीदी पर पूर्णतया रोक लगाकर खरीदी कार्य किसी अन्य एजेन्सी से कराया जाने की बात करते हुये बतलाया गया कि तत्कालीन कलेक्टर राहुल जैन ने गेहॅू के भ्रष्टाचार पर रोक लगाते हुये वर्ष 2013-14 में  827.52 लाख घटती राशि में  277.91 लाखरूपये की वसूली करवाई थी लेकिन उसके पश्चात गेहॅू खरीदी मद की घटती/कमी में  1,774,95 लाख रूपये की वसूली बकाया बकाया है। इसी क्रम में हरदा जिले में वर्ष 2012-13 के लगायत 2016-17 तक कुल खरीदी गेहॅू की मात्रा 19,457,734.49 मीट्रिक टन में 19,447,555.42 मीट्रिक टन गेहूंॅ परिदान होने के पश्चात 10,179.07 मीट्रिक टन की घटती/कमी का खरीदी मूल्य ं 144,.69 लाख रूपये की हानि हुई है और दोनो जिलों की यह घटती/कमी 132,553.90 मीट्रिक टन की कुल कीमत 1,919.64 लाख की नुकसानी नोडल एजेन्सी की घोर लापरवाही एवं बिना अनुबन्ध किये अव्यवस्थाओं के रहते हुई है जिसकी प्रतिपूर्ति खरीदी करने वाले सभी समिति कर्मचारियों से वसूली की जाना है तथा वर्ष 2020-21 में बतौर प्रशासक सहकारिता के संयुक्त आयुक्त के होते हुये इसका न रूक पाना शर्मनाक एवं संयुक्त आयुक्त और जिला बैंक सीईओ दुबे की मिलीभगत दर्शाता है और इन्हीं कारणों से कैडर अधिकारी के बैंक में आने से रोकने हेतु  संयुक्त आयुक्त की सांठगांठ को उजागर करता है।

        समिति के प्रदेश सहसचिव कमल राव चव्हाण के अनुसार इस नुकसान के लिए नोडल एजेन्सी सिविल सप्लाई भी पूर्ण रूप से जिम्मेदार है जो समय पर हिसाब करने एवं भुगतान न करने के कारण इन खरीदी करने वाली  समितियों को मूलधन के साथ-साथ व्याज की हानि झेलने को विवश किये है जिसका प्रभाव बैंक एवं समितियों की वित्तीय स्थिति पर भी पड़ने से प्रायः सभी समितिया उपार्जन कार्य में मिलने वाले करोडों रूपये के लाभ के स्थान पर 104 करोड़ रूपये  की हानि में होने से डिफाल्टर है। हालात यह है कि इन समितियों के खातें में पर्याप्त राशि न होने पर काम करने वाले समिति कर्मचारियों को एक-डेढ़ साल से वेतन तक नहीं दिया गया है, बाबजूद खरीदी उपरांत हुये नुकसानी के लिये संस्थागत प्रशासक नियुक्त होने के बाबजूद इन प्रशासकों के कार्यावधि में खरीदी कार्य में हुये नुकसान/हानि आदि के लिये भी इन प्रशासकों को भी आरोपी बनाते हुये कार्यवाही की जाकर डिफाल्टर समितियों एवं उसमें कार्यरत दोषी कर्मचारियों से इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहॅू खरीदी का कार्य न कराने कि मांग समिति अध्यक्ष श्री यादव ने की है।  

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