Shri Prabhat Times

इसे ही कहते हैं भारत का अंधा कानून ??

 

श्री प्रभात टाइम्स होशंगाबाद
क्या भारत का सिस्टम
आम जनता को धोखा देता है …?

आप खुद देखिये…

कि भारत में इस प्रकार की व्यवस्थाएं भारत की सबसे बड़ी शक्तिशाली युवा पीढ़ी को बेरोजगार और विकलांग बनाने में क्यों तुली हुई है कोई भी नेता मंत्री इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहे क्यों सरकारी विभाग को प्राइवेट किया जा रहा हैं, क्या होगा हमारे बेरोजगार युवाओं का ,गंभीरता से सोचिए जिनको हम चुनकर शासन चलाने के लिए बिठाए हैं वह केवल अपनी जेब भरने में क्यों लगा है यह संदेश हमारा देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ,राजपाल, तक अवश्य पहुंचे ताकि नियम कानून और समाज में सुधार हो आप खुद सोचिए कि
1- नेता चाहे तो दो सीट से एक साथ चुनाव
लड़ सकता है ! लेकिन….
आप दो जगहों पर वोट नहीं डाल सकते,

2-आप जेल मे बंद हो तो वोट नहीं डाल
सकते..लेकिन
नेता जेल मे रहते हुए चुनाव लड सकता है

3-आप कभी जेल गये थे, तो
अब आपको जिंदगी भर
कोई सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी,

लेकिन……
नेता चाहे जितनी बार भी हत्या या बलात्कार के मामले म जेल गया हो, फिर भी वो प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति जो चाहे बन सकता है,

4-बैंक में मामूली नौकरी पाने के लिये
आपका ग्रेजुएट होना जरूरी है..

लेकिन,
नेता अंगूठा छाप हो तो भी भारत का फायनेन्स मिनिस्टर बन सकता है.

5-आपको सेना में एक मामूली
सिपाही की नौकरी पाने के लिये डिग्री के साथ 10 किलोमीटेर दौड़ कर भी दिखाना होगा,

लेकिन….
नेता यदि अनपढ़-गंवार और लूला-लंगड़ा है
तो भी वह आर्मी, नेवी और ऐयर फोर्स का चीफ यानि डिफेन्स मिनिस्टर बन सकता है

और
जिसके पूरे खानदान में आज तक कोई स्कूल नहीं गया.. वो नेता देश का शिक्षामंत्री बन सकता है

और
जिस नेता पर हजारों केस चल रहे हों..
वो नेता पुलिस डिपार्टमेंट का चीफ यानि कि गृह मंत्री बन सकता है.

सांसद विधायक यदि 5 साल के लिए चुने गए तो उनके लिए पेंशन की सुविधा और सरकारी कर्मचारी के लिए पेंशन की सुविधा  बंद कर दी गई वाह क्या न्याय है, सरकारी कर्मचारियों के लिए 400 वर्ग फिट का मकान नेता मंत्री सांसद विधायकों को 1 एकड़ का बंगला ???

यदि
आपको लगता है की इस सिस्टम को बदल देना चाहिये..
नेता और जनता, दोनो के लिये एक ही कानून होना चाहिये..
तो
इस संदेश को फार्वड करके देश में जागरुकता लाने में अपना सहयोग दें.. … जनहित में जारी, देश के युवा बेरोजगारों पर हो रहे भेदभाव को समाप्त करने के लिए जारी

Note इस संदेश को प्रकाशित करने में देश में समाज में अराजकता फैलाना उद्देश्य नहीं है समाज में जागरूकता लाना है युवा पीढ़ी को संदेश के माध्यम से अपने कर्तव्यों के लिए जागरूक करना है

जय हिन्द

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *