Shri Prabhat Times

कलेक्टर श्री धनंजय सिंह ने दिए निर्देश,हितग्राहीमूलक योजनाओं के प्रकरण अनावश्यक लंबित न रहे,

**हितग्राहीमूलक योजनाओं के प्रकरण अनावश्यक लंबित न रहे,

**अनुकंपा नियुक्ति व सेवा संबंधी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें

**कलेक्टर श्री धनंजय सिंह ने दिए निर्देश

**श्री प्रभात टाइम्स होशंगाबाद/31,अगस्‍त,2021/ हितग्राहीमूलक योजनाओं के प्रकरण किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित ना रहे। योजनाओं से हितग्राहियों को समय पर लाभान्वित किया जाए। यह निर्देश कलेक्टर होशंगाबाद श्री धनंजय सिंह ने सभी जिला अधिकारियों को दिए हैं। मंगलवार को कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों,  सीएम हेल्पलाइन ,समय सीमा के प्रकरण, आयुष्मान योजना आदि की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देशित किया।

       कलेक्टर श्री सिंह ने स्वास्थ्य , महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय आदि विभागों को निर्देशित किया कि प्रसूति सहायता योजना, लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि भुगतान संबंधी योजनाओं में हितग्राहियों को समय पर  लाभ दिया जाए। भुगतान संबंधी योजनाओं के प्रकरण किसी भी स्तर पर लंबित ना रहे, जिला अधिकारी इसकी सतत मॉनिटरिंग करें।

      कलेक्टर ने मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए  सभी  विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजना के तहत प्राप्त आवेदनों में शीघ्र कार्रवाई कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करें। साथ ही पेंशन व अन्य सेवा संबंधी प्रकरणों की भी सतत समीक्षा कर उनका निराकरण किया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने सहकारिता विभाग को दल गठित कर किसानों से संबंधित समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए । उन्होंने श्रम विभाग को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर श्रमिकों संबंधी समस्याओं के निराकरण व उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

     कलेक्टर श्री सिंह ने विभागवार सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा कर सभी जिलाधिकारियों को शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।

       बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मनोज सरियाम, अपर कलेक्टर श्री  जी पी माली सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे

ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान बना जल जीवन मिशन

प्रदेश के 3193 ग्रामों के हर घर में सरल, सुगम और शुद्ध पेयजल

  जल प्रत्येक जीवन की जरूरी जरूरत है और जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। देश के ग्रामीण अंचल में जल प्राप्ति के साधन के रूप में नदी, तालाब, कुँआ और बाबड़ी ही रहे हैं। हमेशा यही देखा गया कि ग्रामीण माताओं-बहनों को इन पेयजल स्त्रोतों से जल लाकर परिवार की जरूरत पूरी करना पड़ती थी। धीरे-धीरे हैण्डपम्प और ट्‍यूबबेल का प्रचलन बढ़ा, इससे हमारी आधी-आबादी (महिला वर्ग) के परिश्रम में कुछ कमी तो आई लेकिन उन्हें पेयजल की कठिनाई और समस्या से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिल सकी। काफी दूरी से सिर पर पानी से भरे बर्तन लेकर आती महिलाओं की दशा और पेयजल संकट को दर्शाती खबरें तथा फोटो हम सबने विभिन्न प्रचार माध्यमों में अनेकों बार पढ़े और देखे हैं। अब जल जीवन मिशन किस तरह ग्रामीण आबादी को नल से जल देकर उनके जीवन में बदलाब ला रहा है यह भी सच हम देख रहे हैं।

       प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ग्रामीण आबादी और खासकर यहाँ के महिला वर्ग को पेयजल के लिए उठानी पड़ रही कठिनाई की निरन्तर चिंता की। इस समस्या से निदान के उपाय के लिए उनके चिंतन से ही राष्ट्रीय जल जीवन मिशन प्रारम्भ हुआ। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 15 अगस्त 2019 को इस मिशन की घोषणा की। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन की गाइड-लाइन जारी की और केन्द्र तथा राज्य के समान व्यय अंश पर मिशन में कार्य प्रारम्भ हुए।

       मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मिशन की खूबियों को जाना और ग्रामीण अंचल की माता-बहनों की “नीर के लिए पीर” को हमेशा के लिए दूर करने के उद्देश्य से प्रदेश में मिशन अन्तर्गत कार्य करने के निर्देश दिए। प्रदेश में जून 2020 से गाँव के हर घर में नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाने का सिलसिला प्रारम्भ हुआ। अब सभी जिलों की ग्रामीण आबादी को नल कनेक्शन से जल मुहैय्या करवाने के कार्य तेजगति से चल रहे हैं। बदलाव के साक्ष्य के रूप में मिशन में 40 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन से निरन्तर जल प्रदाय हो रहा है।

       लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य-मंत्री  बृजेन्द्र सिंह यादव मिशन के संचालन की प्रति सप्ताह समीक्षा करते हैं। श्री यादव का मानना है कि धरातल पर उतरी योजनाओं के लाभ से ही जन-विश्वास कायम होता है। जब आमजन की मानसिकता यह बने कि सरकार उसकी अपनी है, तब ही माना जाय कि माप की कसौटी पर सरकार खरी उतरी है। राज्य-मंत्री श्री यादव द्वारा जल जीवन मिशन की मार्गदर्शिका के अनुरूप कार्य प्रबंधन कार्यान्वयन सहायता, तृतीय पक्ष मूल्यांकन और कौशल विकास एजेन्सी से प्रत्यक्ष (वन-टू-वन) संवाद किया गया। इस व्यवस्था से मिशन के कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय-सीमा में हो रहे हैं।

       लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण आबादी के घरों में नल से जल देने की व्यवस्था सहित स्कूल एवं आँगनबाड़ियों में भी पेयजल के लिए नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। लक्ष्य, प्रत्येक ग्रामीण परिवार, आँगनबाड़ी और स्कूल में गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त जल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना है। जल जीवन मिशन में प्रदेश के 3193 ग्रामों के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन से प्रतिदिन जल दिए जाने की सुचारू व्यवस्था हो चुकी है। इसी कड़ी में प्रदेश की 24 हजार आँगनबाड़ियों और 41 हजार स्कूलों में बेहतर ढ़ग से पेयजल की व्यवस्था की जा चुकी है। शेष रहे ग्रामीण परिवारों सहित आँगनबाड़ियों और स्कूलों में भी नल से जलापूर्ति के कार्य निरन्तर जारी हैं।

प्रयोगशालाओं की मान्यता प्राप्त करने में मध्यप्रदेश अव्वल

जल परीक्षण प्रयोगशालाओं के‍ लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अशंशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) से मान्यता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश हैं कि सभी राज्य अपनी जल परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए निर्धारित अन्तराल में प्रत्यायन बोर्ड से (NABL) प्रमाण-पत्र प्राप्त करें ताकि इस सेवा की उच्च गुणवत्ता के प्रति विश्वसनीयता बनी रहे। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की राज्य और जिला स्तरीय 51 प्रयोगशालाओं को प्रत्यायन बोर्ड (NABL) द्वारा मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए हैं। देश की विभिन्न जल परीक्षण प्रयोगशालाओं की मान्यता प्राप्त करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश अव्वल एवं 30 प्रयोगशालाओं के मान्यता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाला महाराष्ट्र राज्य दूसरे स्थान पर है।

हर स्तर पर समितियाँ गठित

प्रदेश में जल जीवन मिशन के संचालन के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन और कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन का गठन किया गया है। साथ ही ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन भी किया जायेगा। योजना में निर्माण लागत की 10 प्रतिशत जन-भागीदारी होगी। ग्रामीणों से जन-भागीदारी श्रम, सामग्री अथवा नगद राशि के रूप में ली जा सकेगी। अनुसूचित जाति एवं जनजाति बहुल ग्रामों में जन-भागीदारी 5 प्रतिशत होगी।

मिशन मार्गदर्शिका के घटकों के अनुरूप कार्य-संचालन

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की मार्गदर्शिका के अनुसार प्रदेश में मिशन के बेहतर संचालन के लिए प्रमुख रूप से चार घटकों को शामिल कर उनके अनुरूप कार्यवाही की जा रही है। इनमें 1. कार्य प्रबंधन इकाई (पीएमयू), 2. कार्यान्वयन सहायता एजेन्सी (आईएसए), 3. तृतीय पक्ष मूल्यांकन संस्थाएँ (टीपीआई) और 4. कौशल विकास प्रशिक्षण एजेन्सी शामिल

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभ के लिए हितग्राहियों से 30 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित

होशंगाबाद/31,अगस्‍त,2021/  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के लिए हितग्राहियों से मत्स्य पालन विभाग  में आगामी 30 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

   सहायक मत्स्य अधिकारी श्री एम आर काले ने बताया कि योजना का उद्देश्य मछली पालन और उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्ता सुधार, तकनीक के माध्यम से प्रबंधन एवं मछुआरों का कल्याण और मत्स्य कृषकों की आय में बढ़ोत्तरी करना है।

      हितग्राही योजना का लाभ लेकर हैचरी स्थापना, पोखर व तालाब निर्माण, मिश्रित मत्स्यपालन, अनुदान, ब्रीडिंग के लिए इकाई की स्थापना, आइस बाक्स युक्त मोटर साईकिल, मछली बेचने के लिए ई-रिक्शा, फीड मिल जैसे कार्य कर सकेंगे।

जिले में अभी तक 796.7 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज

पिछले 24 घंटे में  हुई 9.8 मिली मीटर औसत वर्षा

होशंगाबाद/31 अगस्त, 2021/ जिले में पिछले 24 घंटे में 9.8 मिली मीटर औसत वर्षा दर्ज हुई है। जिले में अभी तक अर्थात 1 जून से 31अगस्त को प्रातः 8 बजे तक 796.6 मि.मी. औसत वर्षा हुई है। जबकि इसी अवधि में गत वर्ष 1232.9 मि.मी. वर्षा हुई थी। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से 31 अगस्त तक तहसील होशंगाबाद में 726.6 मि.मी., सिवनीमालवा में 756, इटारसी में 692.2, बाबई में 415, सोहागपुर में 888.2, पिपरिया में 944.6, बनखेड़ी में 731.8, डोलरिया में 735.1 एवं पचमढ़ी में 1280.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। जिले के सामान्य औसत वर्षा 1370.5 मि.मी. है। नर्मदा नदी के सेठानी घाट का एलार्म स्तर 964 फीट है और खतरे का जल स्तर 967 फीट है। आज सुबह 8 बजे की स्थिति में सेठानीघाट का जल स्तर 934.70 फीट, तवा जलाशय का अधिकतम जल स्तर 1166 फीट है जबकि सुबह 8 बजे की स्थिति में जलस्तर 1160.20 फीट, बरगी जलाशय का अधिकतम जल स्तर 422.76 मीटर है आज सुबह की स्थिति में जलस्तर 420.20 मीटर है तथा बारना जलाशय को अधिकतम जलस्तर 348.55 मीटर है सुबह 8 बजे की स्थिति में जल स्तर 345.72 मीटर है।

कुपोषण छोड़ पोषण की ओर-थामे क्षेत्रीय भोजन की डोर

चौथा राष्ट्रीय पोषण माह एक से 30 सितम्बर तक

होशंगाबाद/31 अगस्त, 2021/ सुपोषित भारत की परिकल्पना को लक्षित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में पोषण अभियान की शुरूआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य जन-आंदोलन और जन भागीदारी से कुपोषण को मिटाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष सितम्बर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है।

       विभिन्न विभागों के समन्वय से होने वाले पोषण माह में महिला बाल विकास नोडल विभाग की भूमिका निभाएगा। इस वर्ष पोषण माह की थीम ”कुपोषण छोड़ पोषण की ओर-थामे क्षेत्रीय भोजन की डोर” है। प्रदेश स्तर पर इस वर्ष भी पोषण माह के दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जायेगा। पोषण गतिविधियों की दैनिक प्रविष्टि भारत सरकार की जन-आन्दोलन पोर्टल www.poshanabhiyaan.gov.in पर की जाएगी।

       राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा एवं ए.एन.एम. द्वारा गृहभेंट/सर्वे कर 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की ऊँचाई एवं वजन लेने का अभियान चलाया जाएगा। पोषण माह के चार सप्ताह चार अलग-अलग थीम पर निर्धारित किए गए है। एक से 7 सितम्बर तक पोषण वाटिका एवं पौध-रोपण थीम के तहत आँगनवाड़ी केन्द्रों, स्कूलों, पंचायत भवन अन्य सार्वजनिक स्थल पर पोषण वाटिका के माध्यम से पौध रोपण, किचन गार्डन तथा संबंधित कैम्पस एवं भवन परिसर में न्यूट्री गार्डन को बढ़ावा देना, गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण आहार संबंधी स्लोगन प्रतियोगिता, आँगनवाड़ी केन्द्रों के लिए पोषण वाटिका प्रतियागिता का आयोजन होगा। इसके अलावा केम्प लगाकर स्वच्छता एवं कोविड टीकाकरण के सबंध में दो दिवसीय संवेदीकरण/जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होगा।

       दूसरे सप्ताह 8 से 15 सितम्बर तक पोषण के लिए योग एवं आयुष का उपयोग थीम के तहत आयुष पद्धति का पोषण के लिये जागरूकता अभियान, गर्भवती महिलाओं, स्कूल के बच्चों एवं किशोरियों के लिए योगाभ्यास, सरकारी एवं व्यवसायिक संस्थानों में पाँच मिनट का योगा प्रोटोकाल सत्र, महिलाओं एवं बच्चों के लिए फ्री ऑनलाईन योग कोर्स, गर्भावस्था के दौरान एनीमिया के लिए आयुष-आँगनवाड़ी कार्यकर्ता का प्रशिक्षण तथा गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण की रेसिपी प्रतियोगिता का आयोजन होगा।

       राष्ट्रीय पोषण माह के तीसरे सप्ताह 16 से 23 सितम्बर तक हाई बर्डन जिलों के हितग्राहियों को न्यूट्रीशियन किट एवं आई.ई.सी. जागरूकता संबंधी सामग्री का वितरण किया जाएगा। चौथे सप्ताह 24 से 30 सितम्बर तक अति गंभीर कुपाषित (SAM ) बच्चों का चिन्हांकन, पोषण भोजन का वितरण, SAM बच्चों के चिन्हांकन के लिए समुदाय का संवेदीकरण, गर्भवती माताओं के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा बच्चों के कुपोषण पर केन्द्रित ई-क्विज प्रतियोगिता होगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान के स्वेच्छानुदान मद से जिले के 9 हितग्राहियों को 3 लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत

होशंगाबाद / 31,अगस्त,2021/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के स्वेच्छानुदान मद से होशंगाबाद जिले के 9 हितग्राहियों को उपचार के लिए 3 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से ग्राम शिवपुर के रामशिव पाटिल को 50 हजार रुपए, ग्राम सतबासा/सिवनीमालवा के मदनलाल केवट, ग्राम भटगांव/ सोहागपुर के मुन्ना पूर्विया एवं तवानगर / इटारसी की श्रीमती राजकुमारी को 40-40 हजार रूपए, शोभापुर की बेबी आफ आरती मालवीय प्रथम एवं द्वितीय को 35-35 हजार रूपए, होशंगाबाद की श्रीमती निशा राजपूत को 20 हजार रूपए तथा बरबटपुर सौखेड़ीकला / सोहागपुर के भाईजी को 15 हजार रूपए की आर्थिक सहायता बीमारी के उपचार के लिए स्वीकृत की गई है।

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