Shri Prabhat Times

*रिश्वत की मांग करने वाले आंध्रा बैंक के शाखा प्रबंधक धीरेंद्र यादव को 05 साल का सश्रम कारावास*

श्री प्रभात टाइम्स 5 सितंबर 2021 होशंगाबाद, होशंगाबाद के होनहार युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, वेबसाइट डिजाइनर, सुनील सोनी ने आखिर आंध्रा बैंक मैनेजर को जेल पहुंचा ही दिया
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*सजा का विवरणः-*
माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश/प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, भ्र.नि.अधि.(श्री सचिन शर्मा), जिला होशंगाबाद के न्यायालय द्वारा आरोपी धीरेंद्र यादव पिता गार्गीदीन यादव, उम्र-39 वर्ष, निवासी-ग्राम चांदामउ पोस्ट अलीपुर, जिला लखीमपुर खोरी, हैदराबाद को भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 में 05 वर्ष एवं धारा 13(1)(D), 13(2) में भी 05 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 50000-50000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। आरोपी द्वारा जुर्माना अदा न करने पर व्यतिक्रम में अतिरिक्त रूप से क्रमशः 09-09 माह का समश्र कारावास भुगताया जावेगा।
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*घटना का विवरणः-*
प्रकरण के पैरवीकर्ता *उप-संचालक/विशेष लोक अभियोजक श्री गोविंद शाह, होशंगाबाद* ने बताया कि फरियादी सुनील सोनी, सेंट पॉल्स स्कूल में शिक्षक के पद पर पदस्थ रहते हुए प्राइवेट कोचिंग सेंटर चलाता था, जिसमें छात्रों को वह कंप्यूटर की कोचिंग कराता था उसके द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 04 लाख रुपये का ऋण आंध्रा बैंक आईटीआई, शाखा होशंगाबाद से स्वीकृत कराया गया। आन्ध्रा बैंक होशंगाबाद मैनेजर आरोपी धीरेंद्र यादव द्वारा उक्त ऋण के एवज में 50 हज़ार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी, फरियादी द्वारा रिश्वत राशि से मना करने पर आरोपी बैंक मैनेजर द्वारा आरोपी का मुद्रा लोन में परिवर्तित करने की धमकी यह कहते हुए दी जा रही थी कि उसमें उसे सब्सिडी नहीं मिलेगी और ब्याज भी ज्यादा लगेगा।फरियादी आरोपी धीरेंद्र यादव को रिश्वत नही देना चाहता था, बल्कि उसे रिश्वत लेते पकड़वाना चाहता था, इस संबंध में दिनांक 02.02.2017 को पुलिस अधीक्षक विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त कार्यालय भोपाल को शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया। उक्त शिकायती आवेदन पुलिस अधीक्षक द्वारा डीएसपी श्री एसएल सोनया को सत्यापन कर वैधानिक कार्यवाही करने की टीप अंकित करते हुए दिया। जिसके आधार पर पुलिस द्वारा आरोपी को ट्रेप कर पकड़ा गया और दिनांक 10.02.2017 को एफआईआर दर्ज कर उसकी काउंटर एफआईआर विशेष न्यायालय होशंगाबाद को भेजी गयी। पुलिस द्वारा सम्पूर्ण विवेचना उपरांत न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
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प्रकरण में शासन की ओर से *उप-संचालक/विशेष लोक अभियोजक  गोविंद शाह, होशंगाबाद* द्वारा सशक्त पैरवी की गयी एवं रिश्वत के आरोप में आरोपी को 05-05 साल के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।

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