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दिनांक: 20-Jun-2018, Wednesday ,Hoshangabad

कैसे बनू बड़ी

कैसे बनू बड़ी आप सब मुझे बच्ची कहते है, इसलिए क्योंकि मैं खिलखिलाकर हंसती हूं

अपने सारे गमों को भूलाकर गुनगुनाती हूं , दर्द से घुटती आवाज को सुमधुर करके

और झुम कर थिरकने लगती हूं , अपने ही गीत पर आप कहते है

तो बन जाउगी मैं बड़ी किन्तु मैं कैसे बनू बड़ी,  क्योंकि बड़ा होना तो गंभीर होना है और 

मुझे गंभीर बनने के लिये उखाडऩी पड़ेगी, वह सारी कब्र जो मेरे अन्दर दफन है,

कुरेदने पड़ेगे सारे घाव सारे जख्म, जो मेरे सीने में छिपे है

मेरे लिये मेरा मर जाना ही मेरा बड़ा बन जाना है , क्योंकि मैं तो जान डालती हॅू

रोज ही हंसकर गुनगुनाकर, और झूम कर अपने इस लाश हो चुके जिस्मों में।

प्रमिला मेहरा

होशंगाबाद

News By: Prabhat Times

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