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दिनांक: 15-Oct-2019, Tuesday ,MadhyaPradesh

बाबई बाजार में मनमर्जी के साथ फर्जी वसूली का खेल जारी,सीएमओ को नहीं जानकारी...?

                        सोनू मालवीय  संवाददाता 

श्री प्रभात टाइम्स बाबई15 अक्टूबर 2019 । बाबई नगर परिषद में चल रहा है अवैध बाजार वसूली और मनमाने ढंग से बाजार में आए हुए दुकानदारों से बगैर रसीद दिए नियम विरुद्ध  पैसे की वसूली की जाती रही है  इस और  इस ओर ना तो किसी प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान है और ना ही जनप्रतिनिधियों का  या ऐसा भी हो सकता है कि सब की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है इस संबंध में हमारे संवाददाता ने जब दुकानदारों से जाकर चर्चा की तो उन्होंने भी अपनी आपबीती हमारे कैमरे के सामने बखान कर दी जिससे यह साफ हो गया कि नगर परिषद के द्वारा दुकानदारों को ठगा जा रहा है और वसूली जाने वाली राशि हड़पी जा रही है निश्चित तौर पर इस बात की जांच होना चाहिए और संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई भी होना चाहिए

क्योंकि बिना रसीद का टैक्स / बाजार बैठकी  वसूलना गैरकानूनी है और नियम विरुद्ध भी है  और यह भी कहा जा सकता है कि इसमें पारदर्शिता  नहीं है  तो निश्चित तौर पर  कार्रवाई होना चाहिए यह आलम माखननगर - बाबई नगर परिषद का है  जिसमें  फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा है इस पर किसी का ध्यान नहीं है ज्ञात होवे कि बाबई नगर परिषद में प्रति मंगलवार को साप्ताहिक बाजार लगता है जिसमें आसपास से हजारों की संख्या में  लोग दुकान लेकर आते हैं और यह जिला  के बाद तहसील स्तर का सबसे बड़ा बाजार है इसमें मुख्यतः सोहागपुर ,सेमरी के अलावा पूरे जिले से दुकानदार आते हैं जिसमें  ग्रामीण अंचलों से दुकानदार लेकर आने वाले सब्जी परियों की संख्या भी बहुत अधिक है

सीधे-साधे अशिक्षित लोगों को  ठग रही है नगर परिषद की टीम

इन दिनों लोगों को ठगने का भी एक व्यापार है  जिसका उदाहरण होशंगाबाद जिले की बाबई तहसील में देखा एवं सुना जा सकता है इस बाजार में आने वाले दुकानदारों के साथ  जो मन मर्जी  की जा रही है यह हैरान करने वाली बात तो जैसी है  यूं तो मुख्यालय से  20 किलोमीटर दूर पर है  लेकिन  अधिकारियों के कानों तक इस भ्रष्टाचार की  आवाज तक नहीं पहुंच रही ना ही यहां कमिश्नर कलेक्टर के अलावा किसी अधिकारी ने  इस समस्या का जायजा लिया यदि नगर परिषद के दस्तावेज को जांचा और परखा जाए तो  अनेकों भ्रष्टाचार उजागर हो सकते हैं जो  धरातल पर नहीं हवा में चल रहे हैं

 इससे यह अंदाजा लगाया जाता है की नगर परिषद द्वारा कितना टैक्स वसूला जा रहा है इसका कोई हिसाब नहीं है बकायदा नगर परिषद के कर्मचारी बाजार में आकर प्रति दुकानदार से 20 से ₹30 टेक्स के नाम पर वसूली करते हैं इसका कोई लेखा-जोखा नहीं रहता इसका मतलब साफ है की नगर परिषद में बाजार टैक्स कितनी राशि आ रही है यह किसी को पता नहीं अब ऐसी स्थिति में नगर परिषद के पास इसका क्या रिकॉर्ड रहेगा यह तो समझ से परे । वहीं दुकानदारों का कहना है की हमसे नगर परिषद के कर्मचारी आकर पैसे ले जाते हैं परंतु इसकी एवज में हमें कोई रसीद नहीं देते जबकि यह गलत है इस पर कारवाही होना चाहिए

इनका कहना

मुझे अभी लगभग 20 दिन आए हुए हैं मैंने इस संदर्भ में जानकारी ली थी तो मुझे बताया गया की नगर परिषद में प्रस्ताव पारित किया गया है कि रसीद कि कोई जरूरत नहीं होती वही मेरा मानना है की रसीद तो देना चाहिए।

शिवांगी महाजन सीएमओ बाबई

News By: Santram Nishrele

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